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नई माताओं के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤
शिशॠको अपने साथ लिटाकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हà¥à¤ˆ माà¤à¤œà¤¾à¤¨à¥‡à¤‚ आपके और आपके शिशॠके लिठकौन सी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ सही रहेगी !
अगर आप अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कर रही हैं, तो तो आपने उसके लिठसबसे बेहतरीन विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¾ है।
अगर आपको सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में कà¥à¤› कठिनाई हो रही है, तो चिंता न करें। बहà¥à¤¤ सी नई माताओं को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में माहिर होने के लिठअà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ और दृढता की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ती है।
कà¥à¤¯à¤¾ यह सच है कि माठका दूध शिशॠके लिठसरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® है?
हां। माठका दूध शिशॠके लिठसरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ आहार है। शिशॠको आहार देने का सबसे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• तरीका उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना है।
सà¥à¤¤à¤¨ दूध à¤à¤• संपूरà¥à¤£ आहार है। इसमें कम से कम 400 पोषक ततà¥à¤µ होते हैं। साथ ही इसमें हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ और बीमारियों से लड़ने वाले यौगिक पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ शामिल होते हैं, जो फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में नहीं ​पाठजाते। जैसे-जैसे शिशॠबढ़ता और विकसित होता है, तो उसकी जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मां के दूध की पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती जाती है।
अपने शिशॠको विशेषकर छह महीनों तक केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पिलाना (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) उसके लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ है। यह शिशॠका बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विकास बेहतर करता है। इसलिà¤, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशॠको बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€ बना सकता है।
जिन शिशà¥à¤“ं को जनà¥à¤® से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जाता है, उनकी जीवन के पहले वरà¥à¤· में बीमार पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से आपके शिशॠको निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती हैः
जठरानà¥à¤¤à¥à¤°à¤¶à¥‹à¤¥ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸)
निमोनिया और शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¤¿à¤•ाशोथ (बà¥à¤°à¥‹à¤‚कियोलाइटिस)
कान में इनफेकà¥à¤¶à¤¨
हम यह नहीं कह सकते कि अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होने का खतरा कम हो जाता है। मगर, जिन शिशà¥à¤“ं ने सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ किया है, चाहे कितनी à¤à¥€ समयावधि के लिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गंà¤à¥€à¤° à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होने की दर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम होती है। यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ में पहली बार à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ समय से काफी देर बाद हो।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से आपके और शिशॠके बीच विशेष बंधन बनाने में मदद मिलती है। लंबी अवधि के परिपेकà¥à¤·à¥à¤¯ में देखा जाà¤, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बने रहने में मदद करता है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में, बचपन में माठका दूध पीने वाले और फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वालों का तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। इसमें पाया गया कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों का:
रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª कम था
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सà¥à¤¤à¤° कम था
उनमें सामानà¥à¤¯ से अधिक मोटापा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम थी
उनमें टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होने की à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम थी
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आपके लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है और वजन कम करने में आपकी मदद कर सकता है। दीरà¥à¤˜à¤•ालीन परिपेकà¥à¤·à¥à¤¯ में देखा जाठतो, यह निमà¥à¤¨ तरीकों से मददगार है:
सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के जोखिम को कम करता है
रजोनिवतृति पर पहà¥à¤‚चने से पहले डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि कैंसर से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है
टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ विकसित होने के खतरे को कम करता है
मà¥à¤à¥‡ कब तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना चाहिà¤?
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š.ओ.) और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की सलाह है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उनके पहले छह महीनों में सिरà¥à¤« माठका दूध दिया जाà¤à¥¤ इसे अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) कहते है। वे यह à¤à¥€ कहते हैं कि ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने के बाद à¤à¥€ शिशॠके पहले साल के अंत तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखना चाहिà¤à¥¤ अगर आप चाहें, तो इसे आगे à¤à¥€ जारी रख सकती हैं। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन शिशà¥à¤“ं को दो साल तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की सलाह देता है।
ठोस आहार का सेवन शà¥à¤°à¥ करवाने के बाद à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखने से शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को फायदा पहà¥à¤‚च सकता है। उसकी सीलिà¤à¤• डिजीज़ और टाइप 1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी कम हो सकती है।
अधिकांश माà¤à¤‚ शिशॠको छह से 12 महीनों तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, वहीं कà¥à¤› शिशॠके à¤à¤• साल का हो जाने के बाद à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखती हैं (à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚डेड बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग)। काफी कà¥à¤› आपकी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ को लेकर आपकी सोच पर निरà¥à¤à¤° करता है।
मैं सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठकैसे तैयारी कर सकती हूं?
अपने शरीर को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठतैयार करने के लिठआपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना होगा और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना होगा। शिशॠके जनà¥à¤® से पहले आप जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बारे में जानकारी ले सकें उतना ही अचà¥à¤›à¤¾ होगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि समय आने पर यह जानकारी काफी मददगार साबित होगी।
अपने पति को à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बारे में जानकारी लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें, ताकि वे आपकी मदद कर सकें।
मैं सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कैसे करà¥à¤‚?
चूंकि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में पांच से लेकर 40 मिनट तक लग सकते हैं, इसलिठशà¥à¤°à¥ करने से पहले à¤à¤• आरामदायक सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ चà¥à¤¨à¥‡à¤‚। माहौल बहà¥à¤¤ अहम है, खासतौर पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में, जब आप इस पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हों।
अगर, घर-बाहर के शोरगà¥à¤² के कारण आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आसानी से विचलित हो जाता है, तो किसी शांत जगह को ढूढ़िà¤à¥¤ अगर आप जलà¥à¤¦à¥€ ऊब जाती हैं, तो हो सकता है आप रेडियो, सà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ या टेलीविजन के सामने सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना चाहें। लेकिन, à¤à¤¸à¤¾ केवल तà¤à¥€ करें, जब आपके और आपके शिशॠके लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बà¥à¤¿à¤¯à¤¾ चल रहा हो। अलग-अलग जगहों पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा कर देखें कि आपके लिठकौन सा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ उचित रहेगा।
हमेशा यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान आप और शिशॠदोनों ही आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहें। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में थामें, जिससे आपकी बाà¤à¤¹à¥‹à¤‚ और पीठमें दरà¥à¤¦ नहीं हो। शिशॠको सहारा देने के लिठगदà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ या तकिये पास रखें। अरà¥à¤§-लेटी अवसà¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठआपको पीठके बल लेटना होगा, ताकि शिशॠआपके शरीर पर आराम से लेट सके और आपके हाथ उसे सहारा देने के लिठखाली हों। या ​आप शिशॠको गोद में लेकर दूध पिला सकती हैं, इसमें शिशॠको अपनी छाती के पार à¤à¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पकड़कर ऊंची गदà¥à¤¦à¥€ या तकिठपर रखकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना होता है। आप अपने आराम के लिठपैरों को सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर à¤à¥€ रख सकती हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले खà¥à¤¦ को और अपने शिशॠको à¤à¤• विशà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¦à¤¾à¤¯à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में लाà¤à¤‚। इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को मà¥à¤à¤¹ में लेता है (लैचिंग), तब आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर कैसा महसूस होता है। उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤¾à¤—à¥à¤° का à¤à¤• बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ मà¥à¤à¤¹ में à¤à¤° लेना चाहिà¤à¥¤
यदि आपके सà¥à¤¤à¤¨ बड़े हैं, तो आपको करवट लेकर लेटे हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आरामदायक लग सकता है या फिर आप शिशॠको रगà¥à¤¬à¥€ बॉल की तरह अपनी बाजू के नीचे से पकड़ सकती हैंं।
अगर शिशॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨ चूसने से आपको दरà¥à¤¦ हो रहा हो, तो अपनी छोटी उंगली शिशॠके मà¥à¤‚ह में किनारे से उसके मसूड़ों और आपके निपà¥à¤ªà¤² के बीच डाल कर चà¥à¤¸à¤¾à¤µ रोक दीजिà¤à¥¤ दोबारा फिर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। जब à¤à¤• बार आपका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨ को सही पà¥à¤°à¤•ार से थाम लेगा, तो वह बाकी काम खà¥à¤¦ करने में समरà¥à¤¥ हो जाà¤à¤—ा।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बारी-बारी से दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की बजाय à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से ही पूरी तरह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने दीजिà¤à¥¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बीच सà¥à¤¤à¤¨ बदलने से बचà¥à¤šà¥‡ को ढेर सारा पानीदार अगà¥à¤°à¤¦à¥‚ध मिल सकता है, लेकिन वसा समृदà¥à¤§ पिछला दूध परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं मिल पाà¤à¤—ा। इसके कारण बचà¥à¤šà¤¾ चिड़चिड़ा होकर बार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की मांग कर सकता है।
à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ का दूध पीने के बाद à¤à¥€ अगर आपका शिशॠà¤à¥‚खा लग रहा है, तो उसे दूसरा सà¥à¤¤à¤¨ पेश करें। मगर, दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले उसे डकार दिलवाना जरूर याद रखें।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना आसान है?
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ आसानी से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ अपना तालमेल बिठा लेती हैं। परंतॠकई नई माà¤à¤“ं को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में दिकà¥à¤•तों का सामना करना पड़ता है। इसलिà¤, अगर आप हताश महसूस कर रही हैं, तो याद रखिठकि आप अकेली नहीं हैं, जिसे परेशानी हो रही है।
अपनी माठया सास से इस बारे में बात करने से कà¥à¤› मदद मिल सकती है। परिवार के à¤à¤¸à¥‡ सदसà¥à¤¯ और दोसà¥à¤¤ à¤à¥€ आपको सलाह और सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकते हैं, जो हाल ही में माà¤-बाप बने हों। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली अनà¥à¤¯ माà¤à¤“ं से सहायता के लिठआप बेबीसेंटर कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ के बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग सपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड हेलà¥à¤ª गà¥à¤°à¥à¤ª में शामिल हो सकती हैं।
यदि आपको समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो रही हों, तो आप अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ बात कर सकती हैं या फिर उनसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ विशेषजà¥à¤ž के बारे में जानकारी ले सकती हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपका शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने का तरीका देखकर, आप दोनों के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आसान बनाने के सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकती हैं।
CAPPA, La Leche League और Breastfeeding Promotion Network of India (BPNI) से à¤à¥€ आपको सहायता मिल सकती है। ये आपका संपरà¥à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सलाहकारों से à¤à¥€ करा सकते हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठअà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की जरूरत है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤¨à¤° है, जो आपको और आपके शिशॠको बिलà¥à¤•à¥à¤² शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से सीखना है। इस कला में महारथ हासिल करने के लिठसà¥à¤µà¤¯à¤‚ को अधिक से अधिक समय दीजिà¤à¥¤ हो सकता है इसमें à¤à¤• दिन, à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लगे या या फिर à¤à¤• बार में बस à¤à¤• फीड में हो जाà¤à¥¤
अगर à¤à¤• दिन सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ का अनà¥à¤à¤µ अचà¥à¤›à¤¾ नहीं रहा हो, तो खà¥à¤¦ को ढांढस दीजिठकि कल बेहतर होगा। इस बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखिठकि आप को जो दिकà¥à¤•तें हो रही हैं, वे जलà¥à¤¦ ही खतà¥à¤® हो जाà¤à¤‚गी।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद वाले चेक-अप के समय तक आप शायद बेहिचक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा रही होंगी। यदि à¤à¤¸à¤¾ नहीं हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मदद मांगने में संकोच नहीं कीजिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ मैं सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकती हूà¤?
बहà¥à¤¤ सी नई माà¤à¤‚ यह सवाल पूछती हैं। और काफी सा​री महिलाà¤à¤‚ घूमने-फिरने जाने पर या फिर घर पर परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ या दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के आने पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में हिचकिचाहट व शरà¥à¤® सी महसूस करती हैं।
शिशॠजब à¤à¥‚खा हो, तो उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आपकी पहली पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता है। इसमें संकोच वाली कोई बात नहीं है। आप वही कर रहीं हैं, जो आपके शिशॠके लिठअचà¥à¤›à¤¾ है।
समय और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के साथ आप खà¥à¤¦ अपनी तकनीक विकसित कर लेंगी और बिना किसी संकोच के सारà¥à¤µà¤œà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में अपने शिशॠको दूध पिला पाà¤à¤‚गी।
आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते समय अपने कंधे या छाती पर à¤à¤• सà¥à¤•ारà¥à¤«, दà¥à¤ªà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ या साड़ी का पलà¥à¤²à¥‚ डालकर ढक सकती हैं। इससे आप गोपनीयता से शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा पाà¤à¤‚गी। बाजार में बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आवरण और गले में टांगने वाले आचà¥à¤›à¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हैं। अगर, आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते समय आवरण करती हैं, तो इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠको अधिक गरà¥à¤®à¥€ न लगे और वह आराम से सांस ले सके।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठमà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› खरीदने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है?
आरामदायक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग बà¥à¤°à¤¾ खरीदना आपके लिठसबसे जरà¥à¤°à¥€ होगा। आपको कम से कम à¤à¤¸à¥€ दो बà¥à¤°à¤¾ चाहिठहोंगी, ताकि आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को उचित सहारा मिल सके। इनमें हà¥à¤• या जिप लगी होती है, जिनको आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते समय आसानी से खोल सकती हैं।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कीजिठकि ये बà¥à¤°à¤¾ सही नाप की है और इसमें लगे आवरक ( फà¥à¤²à¥ˆà¤ª) पूरी तरह से खà¥à¤² जाते हैं। अगर आवरक खोलने से सà¥à¤¤à¤¨ का केवल à¤à¤• छोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ खà¥à¤²à¤¤à¤¾ या अनावरित होता है, तो बà¥à¤°à¤¾ से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर दबाव पड़ सकता है। परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प नसें अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो सकती हैं या मेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ हो सकता है।
आप बà¥à¤°à¤¾ की यह खरीदारी करने के लिठशिशॠके जनà¥à¤® तक इंतजार कर सकती हैं, ताकि à¤à¤•दम सही नाप की बà¥à¤°à¤¾ ली जा सके। मगर यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें कि शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपको à¤à¤•ांतवास का पालन करना हो सकता है। आप यदि à¤à¤•ांतवास की परंपरा को न à¤à¥€ मानती हों, तो à¤à¥€ नवजात शिशॠके साथ घर से बाहर निकलना आसान नहीं होगा। इसलिठसंà¤à¤µ हो, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण पर यह खरीदारी कर लें।
हालांकि, कà¥à¤› बड़ी दà¥à¤•ानों में à¤à¤¸à¥‡ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ होते हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद की नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग बà¥à¤°à¤¾ के सही नाप के बारे में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं। आप अपनी पसंद की बà¥à¤°à¤¾ का चयन कर लें और शिशॠके जनà¥à¤® के बाद अपने पति या परिवार के किसी अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ से वह नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग बà¥à¤°à¤¾ लाने के लिठकह दें।
हो सकता है आप पाà¤à¤‚ कि आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से रिसाव होता रहता है। किसी दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ को रोते हà¥à¤ देखने पर या कोई नवजात शिशॠदिखाई देने पर दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ उतà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ हो सकता है। इसलिठआप बार-बार धà¥à¤² सकने वाले या उपयोग करके फैंकने वाले (डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡à¤¬à¤²) बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पैड खरीदकर रख सकती हैं। साथ ही रात में सोने के हिसाब से हलà¥à¤•ी नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग बà¥à¤°à¤¾ खरीदें, ताकि आप सोते समय à¤à¥€ उसमें बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पैड लगाकर सो सकें।
यदि आप अपना सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध निकालकर (à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸) शिशॠको पिलाना चाहती हों, तो आपको दूध निकालने का उपकरण (बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पंप) à¤à¥€ खरीदने पर विचार करना होगा।
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡à¤¸à¤°à¥€à¤œ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के अनà¥à¤à¤µ को आपके और शिशॠदोनों के लिठआसान बना सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं काम पर वापस लौटने के बाद à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रख सकती हूà¤?
जी हां। काम पर वापस लौटने का मतलब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने का अंत नहीं है। वासà¥à¤¤à¤µ में, घर से बाहर काम करने वाली माताà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° जब तक वे चाहें तब तक अपने शिशà¥à¤“ं को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में समरà¥à¤¥ होती हैं।
आप शायद दफà¥à¤¤à¤° में किसी अकेले कमरे में अपना दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ चाहें या केवल तà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚, जब आप शिशॠके साथ हों और दिन में बाकि समय उसे डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द दूध दें। दोनों विकलà¥à¤ª संà¤à¤µ हैं।
यदि आपके दफà¥à¤¤à¤° में डेकेयर à¤à¥€ है, तो आप काम के दौरान à¤à¥€ शिशॠको जाकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकती हैं।
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